Mere muraadon ka manjar tu
Tujhse he jindagee ab mera tu
Meri muraadon ka manjar tu
Tujhse ab jindagee mera tu

Ho na ek din to sabako hai maja
Jitanee saanse hai tere ho gujar

Jaanasheen tu sab baaki dar ke na
Jaanasheen tu bas ab mera hai too yaar

Jitanee saanse hai sang tere loo gulajaar
Jaanasheen tu sab baaki dar ke na
Haath thaame tere taaseer mein
Gola mainne jahaan
Tere kaandhe par hotee meree shab
Dhalata ambar mera

Ho na ek din to sabako hai maja
Jitani saanse hai tere ho gujar
Jaanasheen too sab baaki dar ke na
Jitani saanse hai tere ho gujar
Jaanasheen too sab baaki dar ke na

Teri panaahon mein tere dil kee chhaanv mein
Ho rahe main to kaagaj kal jo chhup jau to
Kuchh kahana pau to banna too meree aavaaj
Dil ka sheesha usase main tera pyaar
Khul raha hai saanson mein yah khumaar

Jitanee saanse hai teree ho gujar
Jaanasheen tu sab baaki dar ke na
Jaanasheen tu sab baaki dar ke na
Jaanasheen tu bas ab mera hai too yaar.

मेरी मुरादों का मंजर तू
तुझसे अब जिंदगी मेरा तू
मेरी मुरादों का मंजर तू
तुझसे अब जिंदगी मेरा तू

हो ना एक दिन तो सबको है मजा
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर

जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू बस अब मेरा है तू यार
जितनी सांसे है संग तेरे लू गुलजार
जानशीन तू सब बहके दर के ना

हाथ उठा में तेरे तासीर में
बोला मैंने जहां
तेरे कांधे पर होती मेरी शब्
ढलता अंबर मेरा

हो ना एक दिन तो सबको है मजा
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना

तेरी पनाहों में तेरे दिल की छांव में
हो रहे मैं तो कागज कल जो छुप जाओ तो
कुछ कहना पाओ तो बन्ना तू मेरी आवाज
दिल का शीशा उससे मैं तेरा प्यार
खुल रहा है सांसों में यह कुमार

जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू बस अब मेरा है तू यार.

मेरी मुरादों का मंजर तू
तुझसे अब जिंदगी मेरा तू
मेरी मुरादों का मंजर तू
तुझसे अब जिंदगी मेरा तू

हो ना एक दिन तो सबको है मजा
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर

जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू बस अब मेरा है तू यार
जितनी सांसे है संग तेरे लू गुलजार
जानशीन तू सब बहके दर के ना

हाथ उठा में तेरे तासीर में
बोला मैंने जहां
तेरे कांधे पर होती मेरी शब्
ढलता अंबर मेरा

हो ना एक दिन तो सबको है मजा
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना

तेरी पनाहों में तेरे दिल की छांव में
हो रहे मैं तो कागज कल जो छुप जाओ तो
कुछ कहना पाओ तो बन्ना तू मेरी आवाज
दिल का शीशा उससे मैं तेरा प्यार
खुल रहा है सांसों में यह कुमार

जितनी सांसे है तेरी हो गुजर
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू सब बहके दर के ना
जानशीन तू बस अब मेरा है तू यार.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here